मिथिला एकटा एहन क्षेत्र अछि जेकरा भारत देशक अनेक प्रान्त सन उपराष्ट्र कहब सर्वथा उचित होएत. भारत संघ में मिथिलाक एक अलग राज्यक रूपमे मान्यता आउर गठन होएबाक आवश्यकता के रेखांकित करबाक आवश्यकता अछि. एकटा समय छल जे मैथिली के संवैधानिक मान्यता भेटब अलभ्य सपना बुझाइत छल लेकिन आइ ई यथार्थ अछि. एहि प्रकारे यदि मैथिल जन सचेष्ट रहता ता इहो स्वप्न अलभनीय नहि रहत.
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