Saturday, 4 November 2017

सहिष्णुता

सहिष्णुता भारतीय अवधारणा नहीं हो सकती है, क्योंकि भारत में भिन्नता या अन्य की अवधारणा रही ही नहीं है. यह वही साथ लाए होंगे जिनका विश्वास अन्यता है. भारत की आस्था अनन्यता है.

नीरज कुमार झा

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